" तितली रानी "
तितली रानी तितली रानी ।
तू मेरी नानी की नानी ।
यहां वहां तू उड़ती जाती ।
कभी किसी को नहीं सताती ।
फूलों पर है उड़ती फिरती ।
चढ़े पहाड़ ना कभी है गिरती ।।
जितना चाहे चूसे रस तू ।
कभी सुनी न कहती बस तू ।।
रंग बिरंगे पंख तुम्हारे ।
लगते सबके मन को प्यारे ।।
चाहे पकड़ें हाथ से बच्चे ।
तुमको भी यह लगते अच्छे ।।
बच्चो की तुम तितली प्यारी ।
घूमे बगिया क्यारी क्यारी ।।
हर एक फूल से नाता तेरा ।
कैसा अजब विधाता तेरा ।।
कभी किसी से नहीं लड़ाई ।
सब तेरे बस बहना भाई ।।
तितली रानी यही सिखाती ।
यह दुनियां है सबकी थाती ।।
राजेन्द्र पालमपुरी (हिमाचल प्रदेश)